जन्मदिन पर गैंगबैंग तमन्ना पूरी हुई

Xxx गैंगबैंग चुदाई कहानी में पढ़ें कि मेरे चोदू यार को मैंने एक साथ कई लंड से चुदने की इच्छा बताई. तो उसने दोस्तों के साथ मेरे जन्मदिन मेरी गैंगबैंग चुदाई की.

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दोस्तो, मेरा नाम अंजलि शर्मा है। मैं अभी 19 साल की हूँ। मेरा फिगर 32-30-34 का है। मैं कक्षा 12th पास कर चुकी हूं और कॉलेज के प्रथम वर्ष में प्रवेश कर चुकी हूँ।

मैंने आपको पिछली कहानी में बताया था कि कैसे जीजू ने खेल खेल में मेरी सील तोड़ी थी।

उसके बाद मेरे भाई ने अपने दोस्त धनंजय के साथ मिलकर मुझे चोदने की योजना बनाई।

एक दिन मैं और भाई रात को बीयर पी रहे थे तो भाई ने बताया कि उसने और धनंजय ने मुझे चोदने का प्लान बनाया था।
मैंने भाई से उसके और धनंजय के साथ थ्रीसम करने की बात कही लेकिन भाई ने मना कर दिया।

उसके बाद धनंजय ने अपने दोस्तों के साथ मेरे 19वें जन्मदिन पर उपहार के रूप में मुझे Xxx गैंगबैंग चुदाई का जो मजा दिया वो मैं आज आपके साथ साझा करने जा रही हूं।

बात 5 अगस्त 2021 की है।
मेरा 19वां जन्मदिन का अवसर था।

मम्मी पापा रक्षाबंधन के लिए मामाजी के गए थे तो किसी वजह से 5 तारीख तक घर पर नहीं आ पाए थे।
घर पर मैं और भाई थे।

मैंने धनंजय से बात की और उसको पूरी बात बता दी। मैंने धनंजय से मेरे गैंगबैंग का प्लान बनाने की कही।

उसने कहा- आज रात को तुझे उपहार में Xxx गैंगबैंग चुदाई का मजा मिलेगा।
उसने 7 बजे आने की बात कही तो मैंने भाई से जन्मदिन मनाने की बात रखी।

मैंने भाई को शाम 7 बजे केक लेने भेजा।
लेकिन केक पर नाम लिखाने, गुब्बारे लाने में भाई टाइम लग गया।

धनंजय 7 बजे आ गया था उसके साथ उसका कजिन संजय भी था।
संजय से मैं पहली बार मिली थी वो काफी अच्छा लग रहा था।

मैं समझ गयी धनंजय ने संजय को बता दिया होगा इसलिए मैं उसकी तरफ देखने से शर्मा रही थी क्योंकि मैं उसको बिल्कुल नहीं जानती थी।

धनंजय ने आते ही उसके सामने मेरे होंठों पर किस किया और पूछा- अजय कहाँ है?
मैंने कहा- वो केक लेने गया है।

धनंजय ने कहा- उसको नींद दिलानी पड़ेगी आज!
मैंने कहा- वो कैसे होगा?
उसने मुझे कुछ दिया और कहा- ये उसको केक के साथ खिला देना, वो थोड़ी देर में सो जाएगा।
9 बजे हमने केक काटा।

मैंने भाई के केक में नींद की वो चीज मिला दी।
भाई को नींद नहीं आई तो मैं सोची प्लान फेल हो गया।

लेकिन करीब 9:40 पर वो मुझे सोने की बोलकर अपने रूम में चला गया।
मैंने बाहर से उसका गेट बंद कर दिया।

धनंजय ने फिर अपने 2 दोस्तों अनमोल और राजेश को कॉल किया।

करीब 10 बजे तक वो दोनों आ गए।
अनमोल तो भाई का भी दोस्त था और राजेश को मैं जानती थी क्योंकि मैं उससे ट्यूशन में पढ़ने जाती थी।
वो भी मुझे पहचान गया था।

उन दोनों को धनंजय ने फ़ोन पर ही बता दिया था कि एक लड़की है चोदना हो तो आ जाओ।
इसलिए इस बारे में उन्होंने कुछ नहीं पूछा।

धनंजय मुझे केक खिलाने लगा और हाथ में बचा हुआ केक मेरे गाल पर लगा दिया।
उसके बाद संजय, अनमोल और राजेश ने मुझे बारी बारी केक खिलाया।

राजेश को मैं सर बोलती थी क्योंकि मैं उनसे ट्यूशन क्लास लेने जाती थी।
सर ने कहा- कुछ बीयर वगैरा होती तो और मजा आता।

अनमोल- मेरा एक दोस्त है मनीष … वो बीयर की दुकान पर काम करता है।
धंजय- तो उसको बोल और 10 बीयर मंगवा ले।

अनमोल ने मनीष को कॉल करके 10 बीयर लाने को बोली।

10:30 तक मनीष बीयर लेकर आ गया।
मनीष ने मुझे देखा तो अनमोल से पूछा- लड़की मंगवाई है क्या भाई?
अनमोल- नहीं यार, अजय की बहन है। जन्मदिन है इसका … तो आज पार्टी दे रही है।

मनीष ने मुझे जन्मदिन की मुबारक दी और कहा- मुझे नहीं दोगी क्या पार्टी?
मैंने कहा- अगर आपको जल्दी नहीं तो रुक जाओ बीयर पियेंगे सब!
उसके बाद मनीष रुक गया।

हम सबने बीयर पार्टी शुरू की।
मनीष ने सबको एक एक बीयर बोतल पकड़ायी।
हम चीयर्स करके बीयर पीने लगे।

शुरू में तो सब शांत थे, फिर धीरे धीरे बात होने लगी।

मनीष ने पूछा- अंजलि तेरे घर वाले किधर हैं सभी?
मैंने कहा- मम्मी पापा तो मामा जी के गए है और भाई को सुला दिया हमने!

मनीष- तुमने सुला दिया मतलब?
मैं- उसको केक में नींद की गोली खिला दी थी।
मनीष- नींद की गोली क्यों?

मैं- तुम्हें नहीं पता किस चीज की पार्टी की बात कर रहा था अनमोल?
मनीष- बीयर पॉर्टी की तो कर रहा था।
मैं- मुझे चोदने वाले है आज सब! तुम भी देना चाहो मुझे गिफ्ट तो रात को यहीं रुक जाना।

मनीष- यार मजाक तो नहीं कर रही? हम सबका ले भी लेगी क्या? अभी तो छोटी लगती हो।
मैं- ट्राई करके देख लो आज रात!

फिर मनीष ने अनमोल से पूछा- ये सच कह रही है क्या? आज चोदने वाले हो क्या सब इसको?

धनंजय मेरे पास आया और मेरे होंठों को चूसने लगा।
वो अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स दबाने लगा और कहा- ये ले भाई प्रमाण!
उसके बाद मनीष को भी भरोसा हो गया।

धंजय मेरे होंठों पर केक लगा कर चूस रहा था।

सब बैठे बैठे हम दोनों को देख रहे थे तो धनंजय ने कहा- तमाशा देखने आए हो क्या? अंजलि के बदन के मजे लो।
संजय और अनमोल मेरे हाथ चूमने लगे।

राजेश सर और मनीष मेरे सामने बैठे थे तो मैंने अपनी टाँगें चौड़ा कर उन दोनों के ऊपर रख दी।

धनंजय ने मुझे वहीं बीयर के बीच में ही लिटा दिया और मेरे बूब्स दबाने लगा।
मनीष और राजेश सर मेरे पैरों को चूम रहे थे।

संजय और अनमोल ने अपना लंड मेरे हाथों में पकड़ा दिया था।
धनंजय मेरे बूब्स के साथ खेल रहा था।

कुछ देर बाद मनीष ने मेरा पेट चूमते हुए मेरी जींस के बटन खोल दिए और मेरी जींस को हल्का सा नीचे कर दिया.
जिसके बाद राजेश सर और मनीष दोनों ने टांगों से मेरी जींस निकाल दी।

ये सब देखकर धनंजय ने भी मेरा टॉप उतार दिया।
अब मैं ब्रा पैंटी में उनके सामने पड़ी थी।

मनीष ने कहा- अंजलि को नंगी कर देते हैं, फिर ज्यादा मजा आयेगा।

उसके बाद सबने मेरी ब्रा पैंटी फाड़ दी।
अब मैं उनके सामने नंगी पड़ी थी।

मैंने सुबह ही अपनी चूत साफ कर ली थी।
मेरी चिकनी चूत देखकर मनीष ने मेरी चूत पर किस दिया।

उसके बाद राजेश सर ने मेरी चूत की तारीफ करते हुए कहा- इतनी प्यारी चूत मेरे पास ट्यूशन लेने आती थी। मैं छोटी समझ रहा था वरना कब का चोद देता।
मैंने उनसे कहा- तुम सब भी नंगे हो जाओ।

तो वो एक दूसरे को देखने लगे।
धंजय ने कहा- उसका जन्मदिन है, उसकी बात मानो और सब कपड़े उतारो।

फिर सब नंगे हो गए।
सबका लन्ड खड़ा था। सब मुझे बारी बारी लन्ड चुसवाने लगे।

राजेश सर और मनीष का लन्ड काफी बड़ा और मोटा था।
उन दोनों का पूरा लन्ड मेरे मुंह में भी नहीं आ रहा था।
मैं काफी देर तक उनका लन्ड चूसती रही।

इस बीच बाकी लड़के मेरी चूत और बूब्स को चूस कर मजे ले रहे थे।

कुछ देर चुसायी के बाद धनंजय ने मेरी टांगें चौड़ी कर अपनी तरफ खींचा और अपना लंड मेरी चूत के छेद पर रख दिया।
धनंजय अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा।

मनीष ने अपना लंड पीछे से मेरे मुंह में दे दिया।
बाकी सब मेरे बूब्स दबा रहे थे और मैं उनका लन्ड अपने हाथ से सहला रही थी।

धंनजय धीरे धीरे अपना लंड मेरी चूत की गहराई तक उतारने लगा।

दूसरी तरफ मनीष ने भी अपना लंड मेरे गले तक उतार दिया।

मेरी चूत और मुंह की जोरदार चुदाई होने लगी।
मनीष का लन्ड मुंह में अंदर तक होने की वजह से मेरी सांसें रुकने लगी इसलिए मनीष ने अपना लंड मेरे मुंह से निकाल लिया।

अब धनंजय मुझे जोर जोर से चोदने लगा।
कुछ देर बाद धनंजय मेरे पेट पर झड़ कर शांत हो गया।

उसके बाद मनीष ने अपना मोटा लंड मेरी चूत की गहराई तक उतार दिया था।
मनीष का लन्ड मेरी चूत की साइज से बड़ा था, उसका लंड मेरी चूत की दीवारों पर जोरदार रगड़ खा रहा था।

कुछ देर बाद मनीष ने स्पीड बढ़ा दी।
उसका लंड मेरी चूत को अंदर तक चोद रहा था।

कुछ देर चोदने के बाद मनीष ने मेरी चूत में ही अपना सारा जूस निकाल दिया।
उसके गर्म गर्म जूस को मैं अपनी चूत में महसूस कर रही थी।

उसके बाद राजेश सर मुझे चोदने आए।
राजेश सर अपनी छात्रा की चूत में अपना लंड उतारने लगे।
सर का लंड मेरी चूत से मैच खा रहा था।
मैं भी सर के लंड को अपनी चूत की गहराई तक महसूस कर रही थी।

राजेश सर का लंड भी मनीष की तरह मोटा, लंबा और मस्त था।
सर ने भी मेरी जोरदार चुदाई की।

उसके बाद संजय और अनमोल ने बारी बारी मुझे चोदा।

एक राउंड चुदाई का होने के बाद ही राजेश और अनमोल का घर से कॉल आ गया क्योंकि वो दोनों शादीशुदा थे।

उन दोनों का जाने का मन नहीं था लेकिन उनको जाना था तो वो दोनों जाने की कहने लगे.
तो मैंने उन्हें रोका और कहा- जाने से पहले एक बार तो चोद लो सर! आपसे बहुत समय बाद मिली हूं अपनी छात्रा की बर्थडे इच्छा तो पूरी कर दो।

सर मान गए और फिर जाने से पहले राजेश सर और अनमोल ने वापस एक बार मेरी चुदाई की।

और सर ने मुझे वापस ट्यूशन आने की बात कही।
फिर वो दोनों चले गए।

अब मैं, धनंजय, संजय और मनीष बचे हुए थे.
लेकिन गैंगबैंग में 4 या 5 लड़के तो होने चाहिए थे और रात के 12 बज गए थे तो इस समय कौन आता।

धनंजय ने कहा- मेरे तो यही 2 दोस्त हैं।
फिर मनीष ने कहा- मेरे कज़न को बुलाऊं क्या?
मैं- आ जायेगा क्या वो रात भर के लिए?
मनीष- इतनी प्यारी लड़की हो तो क्यों नहीं आयेगा।
मैं- तो ठीक है फिर बुला लो।

मनीष के अपने कसिन आनन्द को बुला लिया।

मैं- और भी है क्या कोई?
मनीष- 4 हो तो गए।
मैं- शुरू में 5 थे तो 5 तो हों यार! ऐसा मौका फिर कब मिले क्या पता!

मनीष- एक लड़का है वो मेरे साथ बीयर शॉप पर काम करता है लेकिन उसकी गारंटी नहीं ले सकता वो किसी को बोल दे तो!
मैं- ऐसे कोई नहीं बोलता किसी को, आप बुला लो।

फिर मनीष ने इस लड़के को बुला लिया।
उसका नाम विभोर था और उसकी उम्र 32 साल थी।

आनन्द और विभोर मेरे घर आए तो मैं नंगी थी।
विभोर अपने साथ 10 बीयर लेकर आया।
मैं बीयर देखकर खुश हो गई।

मैंने विभोर को बीयर के लिए धन्यवाद बोला।
विभोर- बेबी ये मेरी तरफ से पहला उपहार है। दूसरा उपहार थोड़ी देर में दूंगा। वैसे आप कौन हो, पहली बार देखा है?

मनीष- अजय की छोटी बहन है।
मैं- भाई को थोड़ी जानता है ये?
विभोर- अरे जानता हूँ उसको … लेकिन ये नहीं पता था उसकी इतनी मस्त बहन भी है।
मैं- अब तो पता चल गया ना आपको।

विभोर- यार तू तो बहुत छोटी है सबका ले भी लेगी क्या?
मैं- कोशिश करूंगी यार! मेरा बहुत मन था। प्लीज तुम सब आज रात मेरी तमन्ना पूरी कर दो।
विभोर- आज रात क्या बेबी … जब मन हो याद कर लेना।

ऐसा बोलकर वो मेरे पास आया और एक हाथ में मेरे बूब्स पकड़ लिए।
विभोर ने मेरे होंठों पर एक किस किया।
मैं समझ गई विभोर ड्रिंक किया हुया था।

अब सब मिलकर वापस बीयर पीने लगे।

विभोर मेरे बगल में बैठा था।
उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी जींस में डाल दिया और अपना लौड़ा पकड़ाया।

उसका लंड भी काफी मोटा था।
मैं समझ गई आज रात मेरी जोरदार चुदाई होगी।

मैंने भी विभोर की जींस के बटन खोल दिए और उसका लंड बाहर निकाल कर सहलाने लगी।
विभोर ने अपना लंड चूसाने के लिए मुझे नीचे झुकाया।
मैं विभोर का लंड चूसने लगी।

कुछ देर बाद विभोर का लंड लोहे की तरह कड़क हो गया तो विभोर ने मेरे बाल पकड़ कर मेरे मुंह की जोरदार चुदाई की और अपना पूरा जूस मेरे गले में उतार दिया।
मैं थूकना चाहती थी लेकिन जब तक मैं उसका जूस नहीं निगली उसने मेरे मुंह से अपना लंड बाहर नहीं निकाला।

मैंने भी पहली बार किसी के लंड का जूस पिया था।
नमकीन सा स्वाद था।

उसके बाद सब बची हुई बीयर पीने लगे।
आनन्द और मनीष मेरे बूब्स दबा रहे थे, धनंजय मेरी चूत के साथ खेल रहा था।

संजय बीयर पीते पीते शांत सब कुछ देख रहा था।

बीयर खत्म होने के बाद सब मुझे एक साथ चोदने वाले थे। बीयर खत्म होने के बाद अब वो सब मुझे मेरे रूम में ले आए।

धनंजय अपना लंड मेरी चूत में उतारने के लिए तैयार था।
संजय नीचे लेट कर मुझे पीछे से चोदने लगा।
आनन्द और मनीष बारी बारी मेरे मुंह को चोद रहे थे।
और विभोर मेरे बूब्स से खेल रहा था।

दोनों के झड़ने के बाद विभोर और मनीष मुझे चोदने के लिए मेरी टांगों के बीच आ गए।

2 मोटे लंड मुझे चोदने को तैयार थे। उनकी जोरदार चुदाई से मेरी चूत आग उगलने लगी।

मुझे शांत करने के लिए विभोर मुझे जोर जोर से चोदने लगा।
विभोर के जोर जोर के झटके मैं ज्यादा देर सह नहीं पाई, मेरी चूत ने पिचकारी छोड़ दी।

विभोर अब भी मुझे पेले जा रहा था।
अब पूरी रूम फच फच की आवाज से गूंज रहा था.

तभी विभोर मेरी चूत में झटके देते देते रुक गया और उसका जूस मैं मेरी चूत की गहराइयों में महसूस करने लगी।

रात के करीब 3 बज गए थे।

तभी भाई के रूम का गेट बजा।
उसको टॉयलेट जाना था। मुझे उस टाइम मनीष चोद रहा था।

आनन्द ने गेट खोल दिया।
भाई के सामने मैं 5 लड़को के साथ नंगी पड़ी थी।
मनीष मुझे भाई के सामने चोदता रहा।

उसने भाई से कहा- इतनी मस्त बहन है तेरी और इसकी चूत देख!
भाई को मनीष मेरी चूत में अपने लंड के झटके देते हुए दिखाने लगा.

विभोर- आ जा तू भी … साथ में चोदते है। मजे ले ले भाई इतनी मस्त बहन है तेरी! कुछ नहीं रखा ये सब रिश्तों में!
फिर भाई ने उनसे कहा- तुम चोद लो, मैं कल पूरे दिन चोदूंगा इसको!
भाई की स्वीकृति से मुझे काफी खुशी मिली।

मुझे लग रहा था मैं काफी चूद चुकी हूँ तो मैंने उनको कहा- अब तुम चले जाओ। मैं भाई को समझा दूंगी, एक बार उससे कर लूंगी।
विभोर बोला- अभी तो चुदाई हुई ही कहा है। चुदाई के मजे तो अब देंगे। भाई से कल अच्छे से चुदवा लेना।

फिर विभोर ने कहा- अब सिर्फ अंजलि की चूत की चुदाई होगी। मैं फोन में 5 मिनट का रिमाइंडर भर रहा हूँ। मोबाइल हर 5 मिनट में बजेगा। सब एक एक करके अंजलि की चूत चोदेंगे। पांच मिनट में बंदा बदल जायेगा। जो भी 5 मिनट से पहले झड़ गया वो आउट माना जायेगा। ऐसे 3 चांस मिलेंगे।

सब मान गए।

करीब 3:30 मेरी चुदाई का नया राउंड शुरू हुया।

सबसे पहले इस बार संजय ने मुझे चोदा लेकिन 5 मिनट से पहले संजय शांत हो गया।
संजय का 1 चांस गया।

उसके बाद आनन्द ने चोदा तो वह भी मेरी चूत में अपना जूस छोड़ गया।

ऐसे करते करते मनीष को छोड़ सब झड़ गए। ऐसे ही खेल चलता रहा।

समय सुबह के करीब 5:10 हो गया क्योंकि पूरा 1 घंटा 40 मिनट से लगातार मेरी चुदाई हो रही थी।
कुल 20 राउंड हो गया थे 5- 5 मिनट के!
इन 20 राउंड में सबने 4-4 बार मुझे चोदा था।

सबके 4-4 राउंड में संजय 3 बार झड़ गया था।

फिर अगले राउंड में आनन्द और धनंजय भी झड़ गए।
मनीष और विभोर सिर्फ 2-2 बार झड़े थे।

संजय, धनंजय और आनन्द खेल से बाहर हो गए।

सुबह 5:30 बज गया तो संजय, धनंजय जाने लगे तो मनीष ने आनन्द को भी भेज दिया।

अब मुझे आखिरी चुदाई करवानी थी दो बड़े लंडों से!

2 घंटे से मेरी चूत की लगातार Xxx गैंगबैंग चुदाई होने के बावजूद भी मेरा मन नहीं भरा इसलिए विभोर और मनीष को मैंने एक एक सेक्स टेबलेट दी।
विभोर और मनीष ने दोनों ने एक साथ मेरी चूत में अपना लंड उतार दिया।

उन दोनों का लंड मेरी चूत की दीवारों की चीरता हुआ गहराई तक उतर गया।
अब वो दोनों एक साथ मेरी चूत को चोद रहे थे।

उन दोनों के 3-3 इंच मोटे लंड मेरी चूत को एक साथ चोद रहे थे। उन दोनों के लंड ने मेरी चूत को काफी फाड़ दिया था।

करीब 1 घंटे की जबरदस्त चूत चुदाई के बाद हम तीनों शांत हो गए।
मेरी चूत को भी इस जोरदार चुदाई ने शांत कर दिया।

उसके बाद विभोर ने मुझे अपना नंबर दिया और कहा- जब भी चुदाने का मन हो कॉल कर देना।
उस दिन के बाद मुझे विभोर,मनीष और आनन्द ने काफी बार एक साथ चोदा था।

इस तरह मैं उस रात अपने जन्मदिन पर 7 लड़कों से चुदी।

फिर अगले दिन मुझे भाई ने भी चोदा लेकिन मुझे इतना मजा नहीं आया जितना मजा 7 लड़को से गैंगबैग करवाने में आया था।

आपको Xxx गैंगबैंग चुदाई कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके बतायें।
धन्यवाद
[email protected]

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