सेक्सी भानजी की कुंवारी चुत चोद दी

मामा भानजी सेक्स कहानी मेरी चचेरी बहन की जवान बेटी की बुर चुदाई की है. वो मेरे ताऊ के घर आयी हुई थी. उससे मेरी सेटिंग कैसे हुई? कैसे चुदी वो!

मेरा नाम रवि है, मेरी उम्र 32 साल है. मैं जिला हिसार का रहने वाला हूं.
मैं शादीशुदा हूं और मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है.
मेरा लंड 5 इंच का है और चुदाई में मेरा स्टमिना एक घंटा है.

जब सरकार ने लॉकडाउन लगाया, तब मेरी कजन सिस्टर की लड़की यानि मेरी भांजी अंजू अपने नाना यानि मेरे ताऊ जी के घर आई.

अंजू की उम्र 19 साल है और उसकी हाईट 5 फुट की है. वो एक मस्त माल है. उसके बूब्स 34 नाप के हैं.

उसके आने के बाद मैं भी वहां चला जाता तो हमारी नार्मल बातें हो जाती थीं.
रात को हम सब लूडो व कैरम आदि खेलते थे.

एक दिन मेरी पत्नी को शक हुआ कि अंजू फोन पर किसी से बात करती है.
उसने अपने इसी शक को लेकर मुझे उस पर नजर रखने को कहा.

दो दिन बाद मेरी पत्नी मायके चली गयी.

मैंने अपनी भांजी अंजू पर नजर रखी तो मेरी पत्नी की बात सही निकली.
वो अपनी कलास के लड़के से बात करती थी.

जब मैंने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया तो वो घबरा गई.
मैंने उसे समझाया- अंजू ये ठीक नहीं है.
परंतु वो सर नीचा करके बोली- मैं उसके बिना मर जाऊंगी, मामा मैं कोई गलत काम नहीं करूंगी. बस आप मुझे उससे बात करने दो.

मैंने मन में सोचा कि क्यों ना मैं भी बहती गंगा में हाथ धो लूं. मैंने उसे डांट दिया और उसे अपने डर से और ज्यादा डरने पर मजबूर कर दिया.

हालांकि मैंने उससे ये भी कह दिया- आज तो मैं इस बात को यहीं खत्म कर रहा हूँ मगर तुमने मेरी बात नहीं मानी … तो मुझे ये बात तुम्हारी मम्मी से भी कहना पड़ेगी.

वो इस बात से सहम गई और बोली- मामा आप जो कहेंगे मैं करूंगी … मगर आप प्लीज़ इस बात को किसी से मत कहना.

उसकी इस बात से मुझे समझ आ गया कि अंजू मामा भानजी सेक्स के लिए मान जाएगी.

अगले दिन मैंने उसको अपने घर बुलाया और उसे किस करने लगा तो वो मुझसे दूर जाने लगी और उसने मुझे किस नहीं करने दिया.

मैंने उससे कहा- अंजू तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो और मैं तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ.

मगर वो नहीं मानी और अपने नाना के घर चली गई.

उसी दिन शाम को मैंने उसको अकेले में पाकर एक चाकलेट दी और उसे आई लव यू कहा.
पर वो नहीं मान रही थी.

उसने कहा- आप मेरे मामा हो और मैं उसी लड़के से प्यार करती हूँ.
मैं कुछ नहीं बोला और उसे जाने दिया.

अगले दो दिन बाद उसका बारहवीं का रिजल्ट आया और वो 75% मार्क्स लेकर पास हुई.

मैंने बोला- अब मुझे पार्टी दो.
वो बोली- आज मैं खुश हूँ मामा, बोलो आप क्या खाओगे?
मैं बोला- तुम्हारे होंठों का रस … मुझे किस चाहिए.

उसने फिर से मना कर दिया और हंस कर चली गई.

उसकी आज की हंसी से मुझे समझ आ गया कि लौंडिया लंड की भूखी है और थोड़े से प्रयास से लंड के नीचे आ जाएगी.

उसके बाद मैं जब भी उससे व्हाट्सैप पर बात करता तो मैं किस की डिमाण्ड कर देता और वो हंस कर जीभ चिढ़ाने वाली इमोजी भेज देती.

मैं उससे कहता रहा कि देख अंजू मैं तुमको बहुत प्यार करूंगा और तुझे एक अनुभवी मर्द का प्यार दूंगा. वो लौंडा तुझे उतना मजा नहीं देगा … फिर भी तू उसे प्यार करती रह, मुझे कोई दिक्कत नहीं है. बस एक बार तू मुझे चख कर तो देख ले.

वो मेरी बातों से रस लेती लेकिन आखिरी में मुझे ठेंगा दिखा देती.
उसकी हरकतों से मुझे भी लगने लगा था कि ये मेरी बातों से रस लेती है और एक न एक दिन मेरे लंड के नीचे आ ही जाएगी.

चूंकि लॉकडाउन लगा हुआ था तो कोई भी कहीं आ जा नहीं पा रहा था.
वो भी अपने नाना के घर बनी रही.

हम दोनों अभी भी लूडो खेलते थे और मैं खेल में उसकी गोटी मार देता तो वो कहती मामा तुमने आखिर मेरी मार ही दी.
मैं भी कह देता- चलो तुमको मरवाने में मजा तो आया.

वो मेरी आंखों में शरारत से देखती और मुझे जीभ चिढ़ा देती.

फिर एक दिन वो मान ही गयी.
मैं उसे अपने घर लेकर आया.

मेरी बीवी भी घर पर नहीं थी इसलिए मुझे किसी का डर नहीं था.

मैंने अंजू को अपने घर में लाकर इसे अपनी बांहों में भर लिया और चूमने लगा.

अंजू भी मुझे साथ देने लगी और कहने लगी- मामा, तुम बहुत हरामी हो आखिर अपनी भांजी को सैट कर ही लिया.
मैंने कहा- अंजू तुम्हारा भी तो मन था न … तभी तो तुम मेरे साथ राजी हो गई हो?

वो बोली- हां मामा, आज मेरा बहुत जी कर रहा था … मुझे रहा नहीं जा रहा है आज आप मुझे जी भर के प्यार करो.
मैंने उसकी गर्दन से चूमना शुरू करके उसे गर्म करना शुरू कर दिया.

गर्दन से नीचे मैं उसके जवान और कड़क मम्मों पर आ गया
वो गर्मा गई और आह आह करने लगी.

मैंने उसके टॉप को उतार दिया. उसने ब्रा नहीं पहनी थी.
उसके ठोस मम्मे देख कर मेरा लंड एकदम से कड़क हो गया.
मैंने उसके एक निप्पल को अपने मुँह में भर लिया. मैंने उसके दोनों चूचों को जी भरकर चूसा.

फिर मैंने अंजू की चुत पर हाथ फेरा तो उसकी चुत पूरी गीली हो गयी थी.

मैंने उसकी जींस उतारनी चाही मगर वो झड़ चुकी थी और उसकी उत्तेजना खत्म हो गई थी.
इससे वो मुझे दूर होने लगी.

मैंने उससे बहुत कहा मगर वो इससे आगे करने के लिए नहीं मानी.
मेरे चूमने काटने से उसके गालों पर निशान बन गए थे.

वो काफी देर तक अपने चेहरे को ठीक करने की कोशिश करती रही पर तब भी दो तीन निशान काफी गहरे बन चुके थे.
मैंने उसको बर्फ लगाने को बोला.
वो कुछ नहीं बोली और मेरे घर से चली गई.

फिर दो तीन दिन में उसके निशान ठीक हो गए.

उसके दस दिन बाद मैंने उससे फिर से सेक्स के लिए कहा तो वो राजी हो गई.
पर वो बोली- मामा इस बार निशान नहीं होने चाहिए और मैं सेक्स नहीं करूंगी, ऊपर ऊपर से तुमको जो करना हो, कर लेना.

उसकी इस बात से मैं समझ गया कि लौंडिया को खेलने का मन तो है मगर जरा नखरे कर रही है.
मैंने कहा- हां ठीक है, आ जा.

वो आई तो मैंने उसके टॉप को निकाल कर इसके दोनों निप्पलों को खूब चूसा.
मेरी भानजी भी गर्म हो गयी थी.

अब मैंने उसकी पजामी निकाली, तो बोली- सेक्स नहीं करना.
मैं बोला- अन्दर नहीं डालूंगा, बस ऊपर ऊपर घिस लूंगा.

वो नशीली आंखों से मुझे देखती हुई बोली- ठीक है.

अब मैंने उसे पूरी नंगी कर दिया और उसे बिस्तर पर लिटा दिया.
पहले मैंने उसकी चुत चूसी तो उसे मजा आने लगा.

मैंने उसकी दोनों टांगों को फैला कर चुत में मुँह मारने लगा.
उसकी चुत में मर्द की जीभ घुसी तो उसकी गर्म सीत्कारें निकलने लगीं और उसके दोनों हाथ मेरे सिर पर आ गए.
वो मेरे सर को अपनी चुत पर दबाने लगी.

मैं बार बार उसकी चुत से मुँह हटा लेता था तो वो कसक उठती थी- मामा, मुँह क्यों हटा लेते हो … लगातार चूसो न!

मगर मुझे मालूम था कि ये झड़ जाएगी तो लंड नहीं लेगी और भाग जाएगी.

मैंने कहा- अब तेरी चूत को जीभ से कुछ नहीं होगा. इसे लंड से घिसना पड़ेगा.
वो पागल हो उठी थी तो कहने लगी- आपको जिससे घिसना हो उससे घिसो … मगर मेरी आग ठंडी कर दो.

इसके बाद मैं नंगा हो गया और अपना लंड उसके सामने लहरा दिया.

वो मेरे खड़े लंड को देख कर वासना से भर गई और बोली- अब दिखाते ही रहोगे या इससे मेरी चुत को रगड़ोगे भी?

मैंने उसकी चुत के ऊपर लंड घिसा.
तो उसे मजा आने लगा.

मैंने उसकी चुत की फांकों में लंड का सुपारा फंसा कर चुत को रगड़ा तो उसे जन्नत कर सुख मिलने लगा.

उसने थोड़ा सा लंड अन्दर जाने दिया.
तभी वो झड़ गई और बोली- बस करो मामा … अब मुझे जाना है. आज के लिए इतना ही काफी है.
मैंने उससे कहा- ठीक है अंजू मैं आगे नहीं करूंगा … लेकिन मुझे भी तो शांत कर दे.

वो हंसी और बोली- अपने हाथ से हिला लो न मामा.
मैंने कहा- तुम नहीं करोगी तो हाथ से तो करना ही पड़ेगा.

वो मेरी मायूसी देख कर बोली- चलो आप ही क्या याद करोगे मामा, मैं ही अपने हाथ से आपका हिला देती हूँ.

मैंने उसके सामने लंड कर दिया. वो मेरे लंड को हाथ से हिलाने लगी. मगर मेरा लंड झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था.

वो बोली- मामा आपका लंड झड़ क्यों नहीं रहा है?
मैंने कहा- तेरी मामी भी इसे मुँह में लेकर चूसती है तभी इसका रस निकल पाता है.

वो मेरी आंखों में देखने लगी और उसने पहली बार मुझे गाली दी- मामा महामादरचोद हो तुम … अपनी भांजी से लंड चुसवाना चाह रहे हो?
मैंने उसके दूध मसलते हुए कहा- अंजू तुम बहुत सेक्सी माल हो … प्लीज़ मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूस दो न.

उसने मेरे लंड के सुपारे पर जीभ फेरी और लंड चाटने लगी.
कुछ ही देर में वो मेरे लंड को मुँह में भर कर चूसने लगी.

मुझे अपनी भांजी से लंड चुसवा कर बेहद मजा आने लगा.
कुछ ही देर में मैं झड़ने को मजबूर हो गया और मैंने उसके मुँह से लंड निकाल कर रस फेंक दिया.

इसके बाद अंजू और मैंने कपड़े पहन लिए.
अंजू अपने नाना के घर चली गई.

दो दिन बाद मैंने अंजू को फिर से घर बुलाया.

तो वो पहले की तरफ फिर से सेक्स के लिए मना करने लगी.
मैंने कहा- ठीक है जैसा तुम कहोगी, वैसा ही करूंगा.

फिर वो आई तो मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसकी चुत को चूसना शुरू कर दिया.

वो गर्म आवाजें निकाल रही थी- आह उह शशश मामा आह शश आह ऊहु!

कुछ देर बाद मैंने लंड को चुत पर घिसना शुरू कर दिया तो उसे और मजा आने लगा.

पर बीच बीच में वो ये कहती रही- अन्दर नहीं डालना, दर्द होगा.
मैंने कहा- ठीक है.

मैं चुत पर लंड घिसता रहा और वो सेक्सी आवाजें भरती रही- आह शश आह ऊह मामा कितना मजा आ रहा है … आह आई लव यू मामा आप कितने अच्छे से प्यार करते हो.

फिर अचानक से मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रखे और अपना पूरा लंड उसकी चुत में उतार दिया.

उसे दर्द हुआ और वो मेरे नीचे से निकलने को मचलने लगी.
उसकी चुत फट गयी थी और उसकी चुत से खून निकलने लगा था.
बिस्तर की चादर खून से लाल हो गयी थी.

मैंने उसे छोड़ दिया और उसे बाथरूम में ले गया. मैंने उसकी चुत को गर्म पानी से धोया और उसकी ब्लीडिंग रोकने के लिए उसको चुत लगाने के लिए अपनी पत्नी का एक पैड दे दिया.
फिर मैंने उसे गोली दी ताकि उसका दर्द खत्म हो जाए.

उसके आधा घंटा बाद जब उसका दर्द कम हो गया तो वो अपने घर चली गयी.
हालांकि उसने मुझसे कुछ नहीं कहा था कि मैंने उसकी चुत में लंड क्यों पेला.

एक सप्ताह बाद मैंने उसको फिर से चुदाई के लिए बुलाया.
इस बार उसकी चुत में लंड के लिए आग लगी थी तो वो चुदने के लिए राजी थी.

इस बार मैंने उसे गर्म किया और अपना पूरा लंड उसकी चुत में उतार दिया.

कुछ देर की कसमसाहट के बाद वो अपनी रौ में आ गई और मजा लेने लगी- आह ऊह मामा जी चोद दो … फाड़ दो आह ऊह शशश आहह ऊहहह आह मर गयी … एह ऊह शश आह!
वो मजे लेकर चुदवाने लगी.

मामा भानजी सेक्स के बाद उसने बताया कि उसकी सहेलियों ने उसे बताया था कि पहली बार बहुत दर्द होता है इसलिए वो डरी हुई थी.

इसके बाद अब वो मुझसे दो तीन दिन में चुद जाती है. वो कहती है कि अब उसे हर रोज चुदाई का मन करता है. पर ये सम्भव नहीं है.

दोस्तो, इससे पहले मैं अपनी दो भाभियों और मेरे बेटे की टीचर को चोद चुका हूँ.
पर मैंने जीवन में पहली सील अपनी भांजी की तोड़ी थी.
मेरी बीवी की सील भी पहले टूटी हुई थी.

आपको मामा भानजी सेक्स कहानी कैसी लगी, कृपया मेल करें.
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